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चश्मदीद गवाह

Saturday, June 16, 2007

जज- तुम डकैती होते देखते रहे, डाकुओं को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की?
गवाह- जनाब अगर मेरी जान चली जाती तो आपको चश्मदीद गवाह कहाँ से मिलता?